पंजाब में धमाकों और ईडी कार्रवाई पर सियासी घमासान, विपक्ष ने सरकार को घेरा

पंजाब में धमाकों और ईडी कार्रवाई पर सियासी घमासान, विपक्ष ने सरकार को घेरा

Punjab blasts and ED action spark political turmoil

Punjab blasts and ED action spark political turmoil

चंडीगढ़। पंजाब में हालिया धमाकों, सुरक्षा हालात और प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि पंजाब पुलिस और डीजीपी जहां विदेशी नेटवर्क और आईएसआई कनेक्शन की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बिना जांच और सबूत के भाजपा को धमाकों से जोड़ने का आधार क्या है।

चुग ने कहा कि भाजपा जैसे राष्ट्रवादी दल को आतंकवादी घटनाओं से जोड़ना करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान पंजाब में भ्रम, अविश्वास और सामाजिक अशांति पैदा कर सकते हैं। पार्टी ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है।

भाजपा नेताओं ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

भाजपा नेताओं के मुताबिक, सात दिनों के भीतर बयान वापस लेकर सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई तो आपराधिक और दीवानी दोनों तरह की कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष का कहना है कि पंजाब पहले ही नशे, गैंगस्टर नेटवर्क, बम धमाकों और आर्थिक संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है और ऐसे समय में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से हालात और बिगड़ सकते हैं।

भाजपा नेताओं ने कहा कि पंजाब की जनता अब जवाब चाहती है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए लगातार राजनीतिक बयानबाजी कर रही है, जबकि जरूरत कानून-व्यवस्था मजबूत करने और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की है।

ईडी की कार्रवाई को लेकर अकाली दल ने घेरी सरकार

इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरा। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक दावा किया कि मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों से जुड़े ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। आरोप लगाया गया कि मोहाली की एक हाईराइज बिल्डिंग में रेड के दौरान नौवीं मंजिल से नकदी से भरे बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद हवा में 500 रुपये के नोट उड़ते दिखाई दिए।

विपक्ष ने यह भी दावा किया कि जांच एजेंसी को हवाला ट्रांजैक्शन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं और आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा हो सकता है। भाजपा नेताओं ने कहा कि ईडी की कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और जनता जानना चाहती है कि करोड़ों रुपये की यह नकदी आखिर किसकी है।

नोटों के बैग पर उठाए सांसद बादल ने सवाल

शिअद सांसद हरसिमरत कौर बादल ने खरड़ के वेस्टर्न टावर में ईडी रेड को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘कट्टर ईमानदारी’ के दावों के बीच अब नोटों से भरे बैग मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। बादल ने आरोप लगाया कि जिस फ्लैट में कार्रवाई हुई, वहां सत्ता से जुड़े बड़े नेता, कारोबारी, दागी बिल्डर और भ्रष्ट अफसरों का आना-जाना रहता था।

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता जानना चाहती है कि आखिर करोड़ों रुपये की यह नकदी किसकी है और इसका स्रोत क्या है। बादल ने कहा कि ईडी जांच से कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कांग्रेस ने भी सरकार से मांगा जवाब

पंजाब कांग्रेस ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि ‘कट्टर ईमानदारी’ के दावों के बीच खरड़ के वेस्टर्न टावर में ईडी रेड के दौरान नोटों से भरे बैग मिलने की खबरें बेहद गंभीर हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस फ्लैट में कार्रवाई हुई, वहां सत्ता से जुड़े बड़े नेता, कारोबारी, दागी बिल्डर और भ्रष्ट अफसरों का आना-जाना बताया जाता रहा है। पार्टी ने कहा कि पंजाब की जनता जानना चाहती है कि करोड़ों रुपये की यह नकदी किसकी है और इसका स्रोत क्या है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।